ख़ुशी के दीप जलायें !
फूलों के रंग सजायें !!
ना सोए आज कोई भूखा मेरे देश में !
ऐसी सदभावना से सबको जगायें !!
आओ आज हम सब मिलकर भ्रष्टाचार मिटायें !
चलो आज "आप" और हम सब मिलकर शांति अमन के दीये जलायें !!
दीपावाली मनायें !! दीपावाली मनायें !! ~ माया विश्वकर्मा
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